डीहाइड्रेशन यानि निर्जलीकरण। मनुष्य शरीर में पानी के कम हो जाने की अवस्था को डीहाइड्रेशन (Dehydration) कहते हैं। वैज्ञानिक भाषा में डीहाइड्रेशन को हाइपोहाइड्रैशन (Hypohydration) कहते हैं। शरीर में पानी की कमी (Pani ki Kami) के कारण शरीर से खनिज पदार्थ जैसे कि नमक और शक्कर कम हो जाते हैं। डीहाइड्रेशन के दौरान, शरीर की कोशिकाओं से पानी सूखता रहता है जिसके कारण शरीर के कार्य करने का संतुलन असामान्य हो जाता है।
पानी शरीर के लिए बेहद आवश्यक होता है, यह शरीर से विषैले पदार्थ निकालता है, शरीर की त्वचा को स्वस्थ रखता है, पाचन प्रक्रिया में सहायक होता है और शरीर के जोड़ों और आँखों के लिए भी फायदेमंद होता है। शरीर में पानी की कमी के कारण मध्यम या गंभीर समस्या भी उजागर हो सकती है।
शरीर में पसीने के लगातार आते रहने से शरीर का पानी कम होता रहता है। गर्मियों में डीहाइड्रेशन का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। बुखार, उल्टी, दस्त के कारण भी शरीर में डीहाइड्रेशन हो सकता है। डीहाइड्रेशन का शिकार किसी भी उम्र का व्यक्ति हो सकता है और इसका कोई ठोस कारण भी नहीं होती है। बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़ों तक में यह शिकायत हो सकती है।
डीहाइड्रेशन के लक्षण
डीहाइड्रेशन के कारण (Reasons & Causes of Dehydration)
- शरीर में पानी की गंभीर समस्या कई बार जानलेवा भी हो सकती है।
- शरीर से पांच प्रतिशत द्रव खत्म होने पर कमज़ोरी, प्यास, उबकाई, चिड़चिड़ापन होता है।
- शरीर से दस प्रतिशत द्रव खत्म होने पर सिर दर्द, चक्कर और अंगों में सनसनाहट पैदा हो सकती है। शरीर की त्वचा नीली पड़ने लगती है और शरीर कमज़ोर हो जाता है।
- शरीर से पंद्रह प्रतिशत द्रव खत्म होने पर देखने और सुनने की शक्ति पर असर पड़ता है। जीभ में सूजन हो जाती है और खाना निगलने में दिक्कत होती है।
- शरीर से पंद्रह प्रतिशत से ज्यादा द्रव खत्म होने पर इंसान की मृत्यु भी हो सकती है।
- दस्त के कारण शरीर में हुए डीहाइड्रेशन से मनुष्य की मृत्यु के आसार ज्यादा होते हैं। गंभीर डीहाइड्रेशन (Pani ki Kami) की वजह से मनुष्य का ब्रेन डैमेज यानि उसके मस्तिष्क को हानि भी पहुंच सकती है। साथ ही हाइपोवोलेमिक शॉक का खतरा भी रहता है जिसमें शरीर के कई अंगों को हानि पहुंच सकती है।
- यदि आपको चक्कर आ रहे हैं, या आप किसी भी कार्य को करने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं तो ऐसे समय में डॉक्टर को दिखाना बेहद आवश्यक होता है। दो दिन से ज्यादा कब्ज या बुखार रहने पर तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें।
सामान्य उपचार
डीहाइड्रेशन के उपाय (Treatment for Dehydration)
- जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
- नवजात बच्चों में डीहाइड्रेशन के उपचार (pani ki kami ka ilaj) के लिए बच्चे को मां का दूध व पानी पिलाते रहें। पानी में ओआरएस का घोल मिलाकर पिलाएं।
- ज्यादा भागदौड़ वाला काम ना करें और जितना हो सके आराम करें।
- धूप में घर से बाहर ना निकलें और ठंडी जगह पर बैठे रहें।
- दूध, कॉफी, फ्रूट जूस जैसे पदार्थों का सेवन करने से बचें।
- इलेक्ट्रोलाइट्स से युक्त स्पोर्ट्स ड्रिंक्स का सेवन अवश्य करें।