Kendal Calling

  • Aromatherapy is a type of alternative medicine practice utilizing aromatic essential oils that are derived from a wide variety of healing plants!

  • "Aromatherapy can be performed in Herbs like rosemary, thyme, oregano or peppermint!"  - Seasick Steve

  • "Aromatherapy can be performed in Herbs like Leaves from eucalyptus plants"  - The Independent

  • "I loved Herbion Aromatherapies"  - Mark Chadwick, The Levellers

  • "Aromatherapy can be performed in Zest from fruits such as oranges, grapefruit or lemon!"  - Mr Scruff

  • "Aromatherapy can be performed in Wood or bark from trees including cedar or pine"  - Sunday Times

  • "Aromatherapy can be performed in Resin from frankincense trees!"  - The Charlatans

  • "Aromatherapy can be performed in Grasses, such as lemongrass!"  - Doves

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Wednesday, 23 November 2016 09:34

कमर दर्द (Back Pain)

स्लिप डिस्क या कमर दर्द (Back Pain) कोई बीमारी नहीं है बल्कि यह एक तरह से शरीर की यांत्रिक असफलता (Mechanical Failure) है। कमर दर्द के सबसे महत्त्वपूर्ण कारण रीढ़ से या मेरुदंड (Spinal Cord) से जुड़े होते हैं स्पाइनल कॉर्ड या रीढ़ की हड्डी स्पाइन वर्टिब्रा (Vertebrae) से मिलकर बनती है जिस पर शरीर का पूरा वजन टिका होता है। यह सिर के निचले हिस्से से शुरू होकर टेल बोन (Tail Bone) तक होती है। हमारी रीढ़ की हड्डी में हर दो वर्टिब्रा (Vertebrae) के बीच में एक डिस्क होती है जो झटका सहने का यानि शाक एब्जार्वर (Shock Absorber) का काम करती है। आगे-पीछे, दायें-बायें घूमने से डिस्क का फैलाव होता है। गलत तरीके से काम करने, पढ़ने, उठने-बैठने या झुकने से डिस्क पर लगातार जोर पड़ता है।

इससे मेरुदंड की नसों (Nerves) पर दबाव आ जाता है जो कमर में लगातार होने वाले दर्द का कारण बनता है। इस डिस्क के घिस जाने से इसमें सूजन आ जाती है, और यह उभरकर बाहर निकल आती है। इसके बाद यह रीढ़ की हड्डी से पैरों तक जाने वाली नसों पर दबाव डालती है। नसें दबने के कारण यह दर्द पैरों तक भी जा सकता है। इसमें पैर सुन्न हो जाने का खतरा रहता है। दर्द इतना कष्टदायक होता है कि मरीज अपने दैनिक कार्य करने तक में असमर्थ हो जाता है। कमर दर्द ( Peeth Ka Dard) अब लोगों के लिए एक कष्टदायक समस्या बनी हुई है। आज हर उम्र के लोग इससे परेशान हैं और दुनिया भर में इसके सरल व सहज इलाज की खोज जारी है। दिनभर बैठे कर काम करने से यह समस्या और भी बढ़ जाती है। कमर दर्द अगर नीचे की तरफ बढ़ने लगे और तेज हो जाए, तो जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाएं। कभी-कभी दर्द कुछ मिनट ही होता है और कभी-कभी यह घंटों तक रहता है। 30 से 50 वर्ष की आयुवर्ग के लोग इसकी चपेट में अधिक आते हैं। वे महिला और पुरुष इसके अधिक शिकार होते हैं, जिन्हें अपने काम की वजह से बार-बार उठना, बैठना, झुकना या सामान उतारना, रखना होता है।

कमर दर्द के लक्षण

 

स्लिप डिस्क या कमर दर्द (Back Pain) होने के के कुछ प्रमुख कारण 

  • गलत पोश्चर (Posture),
  • लेटकर या झुककर पढ़ना या काम करना,
  • कंप्यूटर के आगे बैठे रहना,
  • अचानक झुकना,
  • वजन उठाना,
  • झटका लगना,
  • गलत तरीके से उठना-बैठना,
  • अनियमित दिनचर्या,
  • सुस्त जीवनशैली,
  • शारीरिक गतिविधियां कम होना,
  • गिरना,
  • फिसलना,
  • दुर्घटना में चोट लगना,
  • देर तक ड्राइविंग करना,
  • उम्र बढने के साथ-साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और इससे डिस्क पर जोर पड़ने लगता है,
  • कमर की हड्डियों या रीढ़ की हड्डी में जन्मजात विकृति या संक्रमण,
  • पैरों में कोई जन्मजात खराबी या बाद में कोई विकार पैदा होना।

सामान्य उपचार

 

  • कमर दर्द के ज्यादातर मरीजों को आराम करने और फिजियोथेरेपी से राहत मिल जाती है।
  • स्लिप डिस्क या कमर दर्द की समस्या होने पर दो से तीन हफ्ते तक पूरा आराम करना चाहिए।
  • दर्द कम करने के लिए डॉक्टर की सलाह पर दर्द-निवारक दवाएं, मांसपेशियों को आराम पहुंचाने वाली दवाएं लें।
  • जीवनशैली बदलें।
  • वजन नियंत्रित रखें। वजन बढ़ने और खासतौर पर पेट के आसपास चर्बी बढ़ने से रीढ़ की हड्डी पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
  • नियमित रूप से पैदल चलें। यह सर्वोत्तम व्यायाम है।
  • शारीरिक श्रम से जी न चुराएं। शारीरिक श्रम से मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं।
  • अधिक समय तक स्टूल या कुर्सी पर झुककर न बैठें। कुर्सी पर बैठते समय पैर सीधे रखें न कि एक पर एक चढ़ाकर।
  • अचानक झटके के साथ न उठें-बैठें। एक सी मुद्रा में न तो अधिक देर तक बैठे रहें और न ही खड़े रहें।
  • किसी भी सामान को उठाने या रखने में जल्दबाजी न करें। भारी सामान को उठाकर रखने की बजाय धकेल कर रखना चाहिए। जमीन से कोई सामान उठाना हो तो झुकें नहीं, बल्कि किसी छोटे स्टूल पर बैठें या घुटनों के बल नीचे बैठें और सामान उठाएं।
  • कमर झुका कर काम न करें। अपनी पीठ को हमेशा सीधा रखें।
  • ऊँची एड़ी के जूते-चप्पल के बजाय साधारण जूते-चप्पल पहनें।
  • सीढ़ियाँ चढ़ते-उतरते समय सावधानी बरतें।
  • यदि कहीं पर अधिक समय तक खड़ा रहना हो तो अपनी स्थिति को बदलते रहें।
  • दायें-बायें या पीछे देखने के लिए गर्दन को ज्यादा घुमाने के बजाय शरीर को घुमाएं।
  • देर तक ड्राइविंग करनी हो तो गर्दन और पीठ के लिए तकिया रखें। ड्राइविंग सीट को कुछ आगे की ओर रखें, ताकि पीठ सीधी रहे।
  • अधिक ऊँचा या मोटा तकिया न लगाएँ। साधारण तकिए का इस्तेमाल बेहतर होता है।
  • अत्यधिक मुलायम और सख्त गद्दे पर न सोएं। स्प्रिंगदार गद्दों या ढीले निवाड़ वाले पलंग पर सोने से भी बचें।
  • पेट के बल या उलटे होकर न सोएं।
  • परंपरागत तरीकों से आराम न पहुंचे तो सर्जरी ही एकमात्र विकल्प है। लेकिन सर्जरी होगी या नहीं, यह निर्णय पूरी तरह विशेषज्ञ का होता है। 

कमर दर्द से राहत के घरेलू उपाय (Home Remedies For Back Pain)

कमर की मांसपेशियों का असंतुलित होना ही कमर दर्द का कारण होता है। कमर दर्द सही तरह से न उठने-बैठने, सोने या कमर पर क्षमता से अधिक दबाव पड़ने से होता है। लगभग 80 % लोग कभी न कभी कमर दर्द से परेशान होते हैं। कमर दर्द नया भी हो सकता है और पुराना भी हो सकता है। सतही तौर पर देखने पर कमर में होने वाला दर्द भले ही एक सामान्य सी स्थिति लगती है, लेकिन इसे नज़रअंदाज करने से समस्या काफी बढ़ सकती है।

 

जानिए कमर दर्द दूर करने के घरेलू नुस्खे (Home Remedies for Back Pain):

1. घुटने मोड़ें (Band knee)- नीचे रखी कोई वस्तु उठाते वक्त पहले अपने घुटने मोड़ें फिर उस वस्तु को उठाएं। ऐसा करने से कमर पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा और कम तकलीफ होगी।

2. लहसुन (Garlic)- भोजन में लहसुन का पर्याप्त उपयोग करें। लहसुन कमर दर्द का अच्छा उपचार माना गया है। लहसुन के प्रयोग से पुराने से पुराना कमर दर्द भी ठीक होने लगता है।

3. गूगुल (Benzoin)- गूगुल कमर दर्द में बेहद राहत देता है। कमर दर्द में उपचार के लिए गूगुल की आधा चम्मच गरम पानी के साथ सुबह-शाम सेवन करें। ऐसा करने से कमर दर्द में आराम मिलता है।

4. मसाला चाय (Tea)- चाय बनाने में 5 कालीमिर्च के दाने, 5 लौंग पीसकर और थोड़़ा सा सूखे अदरक का पाउडर डालें। दिन मे दो बार इस तरह की मसाला चाय पीएं। मसाला चाय पीते रहने से कमर दर्द में लाभ होता है।

5. सख्त बिस्तर (Tough Bedding)- सख्त बिस्तर पर सोने से भी कमर दर्द में बेहद आराम मिलता है। ऐसा करने से कमर समतल रहती है और पूरी कमर पर समान दबाव पड़ता है। औंधे मुंह पेट के बल सोना भी हानिकारक है।

6. दालचीनी (Cinnamon)- 2 ग्राम दालचीनी का पाउडर एक चम्मच शहद में मिलाकर दिन में दो बार लेते रहने से कमरदर्द में राहत मिलती है।

7. शरीर को गर्म रखें (Warm Body)- कमर दर्द पुराना हो तो शरीर को गर्म रखें और गरम वस्तुएं खाएं। ऐसा करने से कमर दर्द में बेहद राहत मिलती है। सर्दियों में दर्द ज्यादा हो तो ध्यान रखें कि दर्द वाला हिस्सा हवा के संपर्क में न आए।

8. बर्फ की सिकाई (Ice Foment)- दर्द वाली जगह पर बर्फ का प्रयोग करना भी लाभकारी उपाय है। इससे भीतरी सूजन भी समाप्त होगी। कुछ रोज बर्फ़ का उपयोग करने के बाद गरम सिकाई प्रारंभ कर देने से अनुकूल परिणाम आते हैं।

9. पौष्टिक भोजन (Proper Nutrition)- भोजन मे टमाटर, गोभी, चुकंदर, खीरा, ककड़ी, पालक, गाजर, फ़लों का प्रचुर मात्रा में उपयोग करें।

10. भाप की सिकाई (Steam Foment)- नमक मिले गरम पानी में एक तौलिया डालकर निचोड़ लें। पेट के बल लेटकर दर्द के स्थान पर तौलिये द्वारा भाप लेने से कमर दर्द में राहत मिलती है।

11. मालिश (Massage)- रोज सुबह सरसों या नारियल के तेल में लहसुन की तीन-चार कलियाँ डालकर (जब तक लहसुन की कलियाँ काली न हो जायें) गर्म कर लें फिर ठंडा कर प्रभावित जगह पर मालिश करें।

12. नमक (Salt)- कढ़ाई में दो-तीन चम्मच नमक डालकर इसे अच्छे से सेक लें। थोड़े मोटे सूती कपड़े में यह गरम नमक डालकर पोटली बांध लें। कमर पर इसके द्वारा सेक करें।