Kendal Calling

  • Aromatherapy is a type of alternative medicine practice utilizing aromatic essential oils that are derived from a wide variety of healing plants!

  • "Aromatherapy can be performed in Herbs like rosemary, thyme, oregano or peppermint!"  - Seasick Steve

  • "Aromatherapy can be performed in Herbs like Leaves from eucalyptus plants"  - The Independent

  • "I loved Herbion Aromatherapies"  - Mark Chadwick, The Levellers

  • "Aromatherapy can be performed in Zest from fruits such as oranges, grapefruit or lemon!"  - Mr Scruff

  • "Aromatherapy can be performed in Wood or bark from trees including cedar or pine"  - Sunday Times

  • "Aromatherapy can be performed in Resin from frankincense trees!"  - The Charlatans

  • "Aromatherapy can be performed in Grasses, such as lemongrass!"  - Doves

BMS Research Lab In Beautiful Country India
New Year 2018
Look Products

Treatment Of Asthma (दमा का उपचार)

Rate this item
(0 votes)
  • आयुर्वेदिक दवाएं बहुत सुरक्षित हैं और काफी हद तक समस्या का इलाज है। कुछ आम दवाओं कंटकारी अवालेह, अगस्त्याप्रश, चित्रक, कनाकसव का प्रयोग किया जा सकता है। 
  • रात का खाना हल्का व सोने से एक घंटे पहले लें।
  • सुबह या शाम टहलें और योग में मुख्य रूप से ‘प्राणायाम’ और भावातीत ध्यान करें।
  • अधिक व्यायाम से बचे।
  • हवादार कमरे में रहें और सोएं। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों की सीधी हवा से बचें।
  • ठंडे और नम स्थानों से दूर रहें।
  • धूम्रपान चबाने वाली तम्बाकू, शराब और कृत्रिम मिठास और ठंडे पेय न लें। जिन्हें इत्र से इलर्जी हैं, वे अगरबत्ती, मच्छर रेपेलेंट्स का प्रयोग न करें।
  • 2/3 गाजर का रस, 1/3 पालक का रस, एक गिलास रोज पिएं।
  • जौं, कुल्थी, बथुआ, द्रम स्तिच्क अदरक, करेला, लहसुन का अस्थमा में नियमित रूप से सेवन किया जा सकता है।
  • मूलेठी और अदरक 1/2-1/2 चम्मच एक कप पानी में लेना बहुत उपयोगी होता है।
  • तुलसी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।
  • जो लोग इस रोग की चपेट में आ चुके हैं, उनके लिए हर ऋतु के प्रारम्भ में एक-एक सप्ताह तक पंचकर्म की नस्य या शिरोविरेचन चिकित्सा इस रोग की रोकथाम में सहायक होती है।
  • दिल्ली के शालीमार बाग स्थित महर्षि आयुर्वेद अस्पताल में इसकी अच्छी व्यवस्था है।
  • रात-विरात यदि दमा प्रकुपित हो जाए, तो छाती और पीठ पर गर्म तिल तेल का सेंक करें।
  • घर में एक शीशी प्राणधारा की अवश्य रखें। उसमें अजवाइन का सत् होता है, जिसकी भाप दमा के दौरे में राहत देती है।
  • 1/4 चम्मच सोंठ, छ: काली मिर्च, काला नमक 1/4 चम्मच, तुलसी की 5 पत्तियों को पानी में उबाल कर पीने से भी दमा में आराम मिलता है।
  • 1/4 प्याज का रस, शहद एक चम्मच, काली मिर्च 1/8 चम्मच को पानी के साथ लें।
Read 116 times
More in this category: एलर्जी (Allergy) »