Kendal Calling

  • Aromatherapy is a type of alternative medicine practice utilizing aromatic essential oils that are derived from a wide variety of healing plants!

  • "Aromatherapy can be performed in Herbs like rosemary, thyme, oregano or peppermint!"  - Seasick Steve

  • "Aromatherapy can be performed in Herbs like Leaves from eucalyptus plants"  - The Independent

  • "I loved Herbion Aromatherapies"  - Mark Chadwick, The Levellers

  • "Aromatherapy can be performed in Zest from fruits such as oranges, grapefruit or lemon!"  - Mr Scruff

  • "Aromatherapy can be performed in Wood or bark from trees including cedar or pine"  - Sunday Times

  • "Aromatherapy can be performed in Resin from frankincense trees!"  - The Charlatans

  • "Aromatherapy can be performed in Grasses, such as lemongrass!"  - Doves

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मधुमेह (Diabetes)

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मधुमेह या डायबिटीज हाल के सालों में होने वाला सबसे खतरनाक जीवनशैली रोग माना जाता है। हर साल कई हजार लोग इससे प्रभावित होते हैं। आइयें जानें मधुमेह के बारें में जिसे लोग आम बोलचाल की भाषा मे शुगर (Sugar ki Bimari) भी कहते हैं। 

 

मधुमेह या डायबिटीज (About Diabetes in Hindi)

किसी भी कार्य को करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। शरीर को भी ऊर्जा की आवश्यकता होती है और रीर इसकी पूर्ति, शरीर में उपलब्ध ग्लूकोज़ से करता है।

रक्त से ग्लूकोज़ इन्सुलिन नामक हार्मोन के द्वारा कोशिकाओं में पहुंचकर ऊर्जा प्रदान करता है। शरीर में इन्सुलिन का उत्पादन अग्न्याशय (pancreas) के द्वारा होता है।

भोजन शरीर में जाकर ग्लूकोज़ में परिवर्तित हो जाता है और ग्लूकोज़ रक्त में मिल जाता है। मधुमेह रोगी शरीर में उपलब्ध ग्लूकोज़ का पूरा उपयोग नही कर पाता है।

मधुमेह, चयापचय विकार (Metabolic Disorder) है। रक्त में ग्लूकोज़ की बढ़ी हुई मात्रा का अगर सही समय पर उपचार नही किया जाये तो यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगो के लिए काफी नुकसानदायक होती है।

 

मधुमेह के प्रकार (Types of Diabetes in Hindi)

मधुमेह को दो श्रेणियों में रखा गया है, शरीर का इन्सुलिन न बना पाना टाईप । मधुमेह (Type I Diabetes) और शरीर में उपस्थित इन्सुलिन का सही तरीके से काम नहीं करना टाईप ॥ मधुमेह (Type II Diabetes), जिसके कारण ग्लूकोज़ कोशिकाओं में नहीं जाता है और रक्त में उसकी मात्रा बढ़ जाती है।

टाईप 1 मधुमेह (Type 1 Diabetes): यह एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर (Autoimmune Disorder) है, इसमें शरीर की श्वेत कोशिकाएं अग्नाशय की इन्सुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं।

टाईप 2 मधुमेह (Type 2 Diabetes): टाईप 2 मधुमेह में शरीर में उत्पादित इन्सुलिन का सही उपयोग नहीं हो पता है। शरीर में इन्सुलिन की अतिरिक्त मात्रा के कारण अग्नाशय इन्सुलिन नही बनाता है।

मधुमेह के लक्षण

 

मधुमेह के कई कारण होते हैं जैसे गलत जीवनशैली, मोटापा, अधिक मीठा खाना आदि। मधुमेह के जो कारण सबसे अधिक देखे जाते हैं वह निम्न हैं: 

मधुमेह होने के कारण (Causes of Diabetes in Hindi)

  • मोटापा (Diabetes due to Obesity): मोटापा टाईप 2 मधुमेह होने का सबसे बड़ा कारण है। 
  • आनुवांशिक (Hereditary): इसे खानदानी रोग भी कहते है। अगर परिवार में किसी को टाईप 2 मधुमेह है या था तो सावधानी बरतने की ज़रूरत है।
  • गर्भावस्था में रक्त में ग्लूकोज़ की अधिक मात्रा (High sugar levels during pregnancy)
  • रक्त वाहिका रोग (Blood vessel disease)
  • उच्च रक्त चाप और उच्च कोलेस्ट्रोल लेवल (High blood pressure, high cholesterol)
  • प्री डायबिटिक (Pre-diabetes or impaired fasting glucose)

सामान्य उपचार

 

मधुमेह या डायबिटीज से बचाव का सबसे बढ़िया उपाय है इसकी जानकारी रखना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना। डायबिटीज से बचने के कुछ खान उपाय निम्न हैं: 

मधुमेह से बचाव (Treatment and Remedies for Diabetes in Hindi)

  • प्रतिदिन एक घंटा व्यायाम जरूर करें।
  • अपने घर में प्रतिदिन मधुमेह का टेस्ट करें। रक्त में शुगर की मात्रा का ध्यान रखें।
  • इन्सुलिन इंजेक्शन (Insulin Injetion) को तैयार करना और स्वयं लगाना आना चाहिए।
  • एक इन्सुलिन पम्प (Insulin Pump) साथ रखना।
  • कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) की गिनती को ध्यान में रखना।
  • रक्तचाप (Blood Pressure) कम होने पर मत्वपूर्ण जानकारी का ध्यान रखना

योग आसन (Yog Aaasan for Diabetes)

  • प्राणायाम
  • सेतुबंधासन
  • बालासन
  • वज्रासन
  • सर्वांगासन

अन्य उपचारआयुर्वेद

घरेलू उपचार मधुमेह 1 (Home Treatment 1 Diabetes)

  • दिन में एक बार 2 चम्मच करेले के रास का सेवन करें।
  • दिन में दो बार 1 चम्मच मेथी के पाउडर का सेवन पानी के साथ अवश्य करें।  
  • दिन में एक बार 2 चम्मच कड़वी लौकी के रस को एक चम्मच आंवला के रास के साथ मिलकर कर सेवन करें।
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