Kendal Calling

  • Aromatherapy is a type of alternative medicine practice utilizing aromatic essential oils that are derived from a wide variety of healing plants!

  • "Aromatherapy can be performed in Herbs like rosemary, thyme, oregano or peppermint!"  - Seasick Steve

  • "Aromatherapy can be performed in Herbs like Leaves from eucalyptus plants"  - The Independent

  • "I loved Herbion Aromatherapies"  - Mark Chadwick, The Levellers

  • "Aromatherapy can be performed in Zest from fruits such as oranges, grapefruit or lemon!"  - Mr Scruff

  • "Aromatherapy can be performed in Wood or bark from trees including cedar or pine"  - Sunday Times

  • "Aromatherapy can be performed in Resin from frankincense trees!"  - The Charlatans

  • "Aromatherapy can be performed in Grasses, such as lemongrass!"  - Doves

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त्वचा (Skin)

त्वचा (Skin) (4)

Thursday, 24 November 2016 07:37

घमौरियां (Prickly Heat)

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घमौरियों को अंग्रेजी में प्रिकली हीट (Prickly Heat) कहते हैं। गर्मियों के मौसम में घमौरियां होना आम बात है। गर्मी के मौसम में शरीर से पसीना अधिक मात्रा में बहता है। यदि समय रहते इस पसीने को साफ़ ना किया जाए तो यह शरीर की त्वचा में ही सूख जाता है जिसके कारण पसीने की ग्रंथियां बंद हो जाती हैं और शरीर में घमौरी होने लगती हैं।

 

घमौरियों के विषय में अधिक जानकारी (Details of Prickly Heat in Hindi)

वैज्ञानिक भाषा में घमौरी (Ghamori) को मिलिएरिया रूब्रा कहा जाता है। यह एक प्रकार का चर्मरोग होता है। बरसात के मौसम में भी अधिकतर लोगों को घमौरी की शिकायत होती है। घमौरी व्यक्ति के शरीर पर होने वाली छोटी व लाल फुंसियां और दाने (Heat Rash) हैं जिनमें अक्सर खुजली होती रहती है। कई बार पेट में कब्ज रहने के कारण भी शरीर पर घमौरी उभर सकती हैं।

घमौरी अक्सर छाती, बगल, हाथों और पैरों पर निकलती हैं। यह रोग किसी भी व्यक्ति को लग सकता है। गर्म शहरों में रहने वाले लोग इसका ज्यादा शिकार होते हैं। नवजात शिशुओं में घमौरी (Prickly Heat In Babies) अधिक निकलती है क्योंकि उन्हें पसीना अधिक आता है इसलिए उनमें बहुत सावधानी रखने की जरूरत होती है।

घमौरियां के लक्षण

 

घमौरी के दौरान शरीर में खुजली, हल्की सूजन और चुभन महसूस होने लगती है। घमौरी के दाने धूप के सीधे संपर्क में आने से बढ़ जाते हैं। आमतौर पर घमौरी कुछ दिनों में अपने आप सही हो जाती है लेकिन कुछ लोगों में यह हफ्तों और महीनों तक के लिए हो सकती है। इसलिए एक हफ्ते तक घमौरी के ठीक ना होने पर डॉक्टर से जरूर परामर्श लेना चाहिए। 

घमौरी (Prickly Heat) के कारण लोगों में थकावट (Heat Exhaustion) और धूप में चिड़चिड़ाहट की शिकायत भी होती है। घमौरी के कारण लू लगना का खतरा भी पैदा हो सकता है।

घमौरियां भी कई प्रकार की होती हैं जैसे मिलिएरिया क्रिस्टलाइन (Miliaria Crystallina), मिलिएरिया रूब्रा (Miliaria Rubra) और मिलिएरिया प्रॉफंडा (Miliaria Profunda)। मिलिएरिया प्रॉफुंडा में सबसे अधिक खतरा रहता है और इसे वाइल्डफायर (Wildfire Rash) भी कहते हैं।

सामान्य उपचार

 

घमौरियों से बचाव का सबसे बेहतर उपाय होता है गर्मी से बचकर रहना। इसके अलावा घमौरियों (Ghamoriyan) से बचाव के कुछ अहम उपाय निम्न हैं: 

 

घमौरियों से बचाव (Treatment of Prickly Heat Remedies)

  • सिंथेटिक फैब्रिक से बने वस्त्रों को ना पहनें।
  • सूती और ढीले ढाले कपड़े पहनें।
  • खूब पानी पिएं और नहाएं।
  • बाहर से घर लौटने के कुछ देर बाद स्नान करें।
  • शरीर के हिस्सों को ताज़ा हवा लगने दें।
  • मसालेदार भोजन से बचें। सादा भोजन ही खाएं।
  • बारिश के पानी से स्नान करने से शरीर पर निकली फुंसियां और दानें दूर होते हैं।
  • रोजाना सुबह नीम की चार-पांच पत्तियां चबाएं।
  • शरीर पर मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाएं।
  • नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर इस पानी से स्नान करें।
  • नारियल के तेल में कपूर मिलाकर इस तेल से पूरे शरीर की मालिश करें।
  • कैलामाइन लोशन का प्रयोग करें।
  • गीले शरीर पर पाऊडर ना लगाएं। जरूरत से ज्यादा पाऊडर का प्रयोग करने से भी बचें।
Wednesday, 23 November 2016 09:52

मुंहासे (Pimples)

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त्वचा के रोम कूप यानि छिद्र और तैलीय ग्रंथि के बंद होने की वजह से चेहरे पर पिंपल्स (Pimples) निकलते हैं। इन्हें मुहांसे भी कहते हैं। यह कोई बीमारी नहीं है। आम तौर पर युवावस्था में लड़के-लड़कियों के चेहरे पर पिंपल्स ज्यादा निकलते हैं क्योंकि इसी उम्र में शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं। 

 

पिंपल्स का बढ़ना (Pimples in Growth Years)

डर्मेटोलोजिस्ट की मानें तो युवावस्था में त्वचा की तेल ग्रंथियों पर बैक्टीरिया का आक्रमण ज्यादा तेज हो जाता है। त्वचा की तेल ग्रंथियों से तेल का स्राव ज्यादा होने लगता है। बैक्टीरिया की संक्रमण की वजह से त्वचा में सूजन हो जाती है, पस भर जाती है। नतीजा चेहरे पर पिंपल्स निकल आते हैं।
 
पिंपल्स (Muhase) की दूसरी बड़ी वजह जीवनशैली और फूड हैबिट भी है। ज्यादा वसा यानि तेल में फ्राई किया हुआ खाना खाने, चॉकलेट के सेवन से चेहरे पर पिंपल्स निकलने की संभावना रहती है। ज्यादा कब्ज की शिकायत रहने पर भी चेहरे पर पिंपल्स निकल सकते हैं। इसलिए कब्ज से बचने के लिए अपने भोजन में साबुत अनाज और साग को शामिल करें, ज्यादा पानी पिएं।

ग्रोथ इयर्स में अकसर मुहांसे हो जाते हैं लेकिन अगर मुहांसे अधिक हो तो यह चिंता का विषय होता है। मुहांसो (Muhanse) की समस्या निम्न वजहों के कारण भी हो सकती है: 

  • किशोरआयु के लड़के-लड़कियों में सेक्स हार्मोन एंड्रोजेन के स्राव की गति तेज होने से। 
  • ज्यादा मात्रा में जंक फूड और तेल में फ्राई किया हुआ भोजन खाने से। 
  • आनुवांशिक कारणों से भी चेहरे पर पिंपल्स निकलते हैं। 
  • कॉस्मेटिक्स का चेहरे पर ज्यादा इस्तेमाल। कॉस्मेटिक्स लगाने के बाद क्लींजिंग नहीं करने से भी चेहरे पर पिंपल्स (Pimples) निकल आते हैं।
  • मृत त्वचा कोशिका के दबाव और इन कोशिकाओं में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने के कारण पिंपल्स निकल आते हैं। 
  • पिंपल्स की दूसरी बड़ी वजह जीवनशैली और फूड हैबिट भी है। ज्यादा वसा यानि तेल में फ्राई किया हुआ खाना खाने, चॉकलेट के सेवन से चेहरे पर पिंपल्स निकलने की संभावना रहती है। 

सामान्य उपचार

पिंपल्स होने पर क्या न करें (Treatment of Pimples)

- अपने चेहरे को बार-बार न छुएं
- बालों को चेहरे और माथे पर गिरने न दें
- मेकअप से त्वचा के छिद्र बंद हो जाते हैं इसलिए मेकअप से परहेज बरतें और त्वचा को सांस लेने दें
- पिंपल्स को कभी भी दबाने या उसके अंदर के पस निकालने की कोशिश न करें, ऐसा करने पर गंभीर घाव हो सकते हैं
- चेहरे को दिन में दो बार से ज्यादा न धोएं। चेहरे को ज्यादा धोने पर त्वचा की तैलीय ग्रंथि ज्यादा सक्रिय हो जाती है और त्वचा से तेल का स्राव ज्यादा होने लगता है

पिंपल्स होने पर ऐसे करें उपचार (Tips to remove Pimples)

संतरे और नींबू के छिलके 
चेहरे पर साबुन लगाने की बजाय संतरे के छिलके का पाउडर या फिर ताजा संतरे या नींबू के छिलकों को लगाएं। इससे पिंपल्स की समस्या से छुटकारा मिलेगा।

एलोवेरा जूस
पिंपल्स वाली जगह पर एलोवेरा का जूस लगाएं। यह त्वचा को मुलायम बनाने के साथ-साथ पिंपल्स को भी कम करेगा।

लहसुन
लहसुन पिंपल्स की इलाज में रामबाण का काम करता है। लहसुन के एक दाने को पिंपल्स वाली जगह पर धीरे-धीरे लगाएं। अगर लहसुन न हो तो इसके पेस्ट को चेहरे पर लगाएं। आधा घंटा बाद चेहरा धो लें। काफी फायदा होगा।

कच्चा पपीता
कच्चे पपीते के जूस और उसके छिलके को कॉटन के कपड़े में लपेट कर मुंहासों वाली जगह पर लगाएं। काफी असर दिखेगा।

मिंट के पत्ते और जूस
मिंट के पत्ते और इसके जूस लगाने से भी मुंहासे दूर होते हैं। रात को सोते समय लगातार दो हफ्ते तक इसे चेहरे पर आजमाएं। काफी असर दिखेगा।

शहद और नींबू का रस
शहद और नींबू का रस भी पिंपल्स के इलाज में काफी कारगर है। शहद में नींबू का रस मिला कर पिंपल्स वाली जगह पर लगाएं। पिंपल्स खत्म हो जाएंगे।

स्टीम बाथ और आइस पैक
थोड़े गुनगुने पानी में नहाने के बाद चेहरे पर धीरे-धीरे बर्फ की मालिश करें। इससे त्वचा के छिद्र खुलते हैं।

 

और भी हैं कई घरेलू उपचार (Home Remedies of Pimples)
•हल्दी के पाउडर का पेस्ट
•नीम के पत्तियों का पेस्ट
•उजला टूथपेस्ट
•खीरे का जूस और खीरे का फेस पैक
•अंडे के सफेदी का फेस मास्क
•टमाटर का जूस और टमाटर का फेस पैक
•लैवेंडर ऑयल
•स्टीम बाथ

मुंहासों से निपटने के लिए घरेलू नुस्ख़े (Home Remedies For Pimples)

त्वचा में उपस्थित तेल ग्रंथियों (oil glands) द्वारा अतिरिक्त सीबम (sebum) का स्त्राव होने के कारण मुंहासे निकल आते हैं। इस दौरान तेल ग्रंथियां बैक्टीरिया से संक्रमित भी हो जाती हैं जिनसे मुंहासे फूलकर लाल हो जाते हैं और कई बार उनमें मवाद भी भर जाता है। मुंहासे ज्यादतर चेहरे, कंधे, गर्दन और पीठ पर निकलते हैं।

वैसे तो बाजार में मुंहासों से निपटने के लिए कई तरह की क्रीम, लोशन और चेहरे को धोने (face wash) के उत्पाद मौजूद हैं लेकिन इनका असर अधिक या लंबे समय तक नहीं होता है। इन उत्पादों का प्रयोग बंद करते ही समस्या फिर से पनपने लगती है।
मुंहासों के लिए कई ऐसे घरेलू नुस्खे मौजूद हैं, जो त्वचा के लिए भी नुकसानदायक नहीं है साथ ही मुंहासों को जड़ से समाप्त करेंगे। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही घरेलू नुस्खों के बारे में-

मुंहासों से निपटने के लिए घरेलू नुस्खे (Home Remedies for Pimples)

बर्फ (Ice)

बर्फ मुंहासों की सूजन और लालिमा को जल्द से जल्द ठीक करने का गुण रखती है। बर्फ प्रभावित क्षेत्र में रक्त परिसंचरण (blood circulation) दुरूस्त करती है जिससे त्वचा के कस जाते हैं और त्वचा पर मौजूद गंदगी और तेल साफ हो जाता है। उपचार के लिए किसी पतले कपड़े में बर्फ का टुकड़ा लेकर प्रभावित स्थान की सिकाई करें।

नींबू (Lemon)

नींबू में मौजूद विटामिन सी मुंहासों को जल्दी सूखने में मदद करता है। उपचार के लिए रूई को नींबू के रस में भिगोकर प्रभावित स्थान पर लगाएं या दालचीनी पाउडर में नींबू के रस की कुछ बूंदे मिलाकर रात में प्रभावित स्थान पर लगाकर सो जाएं। सुबह गुनगुने पानी से चेहरा साफ करें।

टूथपेस्ट (Toothpaste)

मुंहासों के इलाज में टूथपेस्ट भी बहुत कारगार उपाय है। लेकिन इसके लिए साधारण टूथपेस्ट का ही इस्तेमाल करना चाहिए। जेल वाले टूथपेस्ट का इस्तेमाल करने से बचें। बर्फ से मुंहासों को सेक कर, प्रभावित स्थान पर आधे घंटे के लिए टूथपेस्ट लगाकर छोड़ दें।

स्टीम (Steam)

स्टीम लेने से भी चेहरे के मुंहासे खत्म होते हैं। जब चेहरे पर भाप ली जाती है तो रोम छिद्र खुल जाते हैं, जिससे त्वचा खुल कर सांस लेती है और इस पर मौजूद गंदगी और तेल साफ हो जाते हैं। इतना ही नहीं पोर्स में मौजूद बैक्टीरिया भी स्टीम लेने से खत्म हो जाते हैं।

लहसुन (Garlic)

लहसुन एक एंटीसेप्टिक,  एंटीऑक्सीडेंट और एंटीवायरल एजेंट है। लहसुन में मौजूद सल्फर (Sulphar) भी मुंहासों को जल्दी ठीक करने के लिए उपयोगी है। उपचार के लिए लहसुन की कली को दो टुकड़ों में काटकर मुंहसों पर रगड़ें और पांच मिनट के लिए छोड़ दें। उसके बाद चेहरा धो लें।

बेकिंग सोडा (Baking Soda)

बेकिंग सोडा चेहरे का अतिरिक्त तेल, गंदगी और मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है। नींबू के रस के साथ बेकिंग पाउडर लेकर मिश्रण तैयार करें। इस मिश्रण को मुंहासों पर लगाएं और सूखने तक छोड़ दें। इस मिश्रण को लगाने से जलन महसूस हो सकती है इसलिए इसे बहुत देर त्वचा पर नहीं रखना चाहिए।

शहद (Honey)

शहद भी मुंहासों को जल्द से जल्द ठीक करने का गुण रखता है साथ ही, यह एंटीबायोटिक दवाओं का भी एक स्त्रोत है,  इसलिए इसमें बैक्टीरिया को मारने की भी क्षमता होती है। उपचार के लिए रूई में थोड़ा सा शहद लेकर प्रभावित स्थान पर लगाएं और तकरीबन आधे घंटे के लिए छोड़ दें। शहद में दालीचीनी का पाउडर मिलाकर भी लगाया जा सकता है।

खीरा (Cucumber)

खीरा में मौजूद पोटेशियम के कारण खीरा लगाने से त्वचा को ठंडक मिलती है। खीरा में विटामिन ए, ई और सी भी मौजूद होते हैं। उपचार के खीरा को पीसकर, उसे चेहरे पर लेप की तरह लगाएं। तकरीबन 15 मिनट बाद चेहरा धो लें। इससे चेहरे के पोर्स की सफाई होगी साथ ही त्वचा के बैक्टीरिया भी खत्म होंगे।

पपीता (Papaya)

पपीता, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन ए का उच्च स्त्रोत है। पपीते में मौजूद एंजाइम चेहरे पर मौजूद मुंहासों की सूजन को कम करके चेहरे को चिकना बनाते हैं। उपचार के लिए पपीते को क्रश करके चेहरे पर फेस मास्क की तरह लगाएं और तकरीबन 15 मिनट बाद चेहरा धो दें। इसके अलावा पपीते में शहद मिलाकर भी चेहरे पर लगाया जा सकता है।

दालचीनी पाउडर (Cinnamon Powder)

दालचीनी पाउडर भी मुंहासों के इलाज के लिए बेहद अच्छी घरेलू दवा है। दालचीनी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। दालचीनी को सेब के सिरका के साथ मिलाकर मुंहासों पर लगाने से मुंहासे ठीक होते हैं। दालचीनी के साथ शहद मिलाकर भी चेहरे पर लगाया जा सकता है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

आयुर्वेद में किफायती और केमिकल रहित अनेक उपाय हैं जो त्वचा को मुलायम (Soft), कोमल (Supple) और सुंदर (Beautiful) बनाते हैं। इन्हें जानने से पहले आइये उन कारणों के जानते हैं जो हमारी त्वचा को रुखा बनाते हैं।

त्वचा में रुखेपन के कारण (Causes of Dryness in Skin)

  • उम्र का बढ़ना
  • मौसम में परिवर्तन
  • शरीर में वात (Vata) का बढ़ जाना
  • तनाव (Stress)
  • संतुलित भोजन (Balanced Diet) न ग्रहण करना

त्वचा में रुखेपन के आयुर्वेदिक नुस्खे (Ayurvedic Tips to curb Dryness in Skin)

1. सब्जियों का सेवन (Intake of Vegetables)

हमें पानी से भरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए जो पाचन में आसान होती हैं जैसे गाजर, लौकी, खीरा, मूली आदि। यह सब्जियाँ त्रिदोषक होती हैं और हर प्रकार की त्वचा के लिए लाभदायक होती हैं। हमें प्रतिदिन कम से कम तीन सब्जियों का सेवन करना चाहिए। 

2. चिड़िया की तरह सेवन (Eat Like A Bird)

परम्परागत आयुर्वेद में बताया गया है की हमें सीड्स और नट्स (Seeds and Nuts) का सेवन भोजन के साथ करना चहिये। ऐसा करने से हमारी त्वचा में अच्छा बदलाव आता है और वह साफ़ दिखाई देता है। वात के कारण हमारी तवचा खुश्क (Dry Skin) हो जाती है परन्तु सीड्स और नट्स में ओमेगा 3 (Omega 3) और प्राकृतिक फैट्स पाये जाते है जो त्वचा को संतुलन प्रदान करते हैं। इनमे फाइबर (Fiber) भी पाया जाता है जो हमारे हाजमे की कमजोरी को दूर करता है। 

3. हर्बल चाय (Herbal Tea only)

वात से खुश्की बढ़ जाती है और नमी की कमी के कारण त्वचा की कोमलता नष्ट हो जाती है। इससे बचने के लिए हम गर्म पदार्थ जैसे हर्बल टी आदि का दिन में कई बार सेवन कर सकते हैं। अदरक और नींबू के मिश्रण से तैयार चाय का सेवन करने से त्वचा हमेशा चमकती रहती है। इससे पाचन भी ठीक रहता है। 

4. व्यायाम कीजिये (Do Exercise)

व्यायाम से हम शरीर में वात का बढ़ना रोक सकते हैं। यही नही, व्यायाम करने से हमारे शरीर के टॉक्सिन्स पसीने के रूप में बहार निकल जाते हैं, जो स्वतः अपने आप में त्वचा की चमक बरकरार रखने में महत्वपूर्ण होता है। 

5. श्वास प्रक्रिया (Breathing)

मानसिक और भावुक तनाव भी शरीर में वात बढ़ा देता है, जिससे त्वचा का रूखापन बढ़ जाता है। श्वास प्रक्रिया पर ध्यान देने से हम तनाव मुक्त हो सकते हैं और अपने शरीर में वात को बढ़ने से रोक सकते हैं।

हमें अपनी त्वचा की देखभाल भी प्राकृतिक तरीके (Natual Skin Care) से ही करना चाहिए क्योंकि प्रकृति में ही छिपा है हमारी सुंदरता का राज। बस हमें इसके असर और इस्तेमाल की जानकारी होनी चाहिए। इसमें न तो कोई साइड इफेक्ट का डर है और न ही किसी रिएक्शन का खतरा।

चेहरे और त्वचा का सौन्दर्य, रंगत और कोमलता बढ़ाना चाहते हैं तो हमें प्राकृतिक सौन्दर्य प्रसाधन का इस्तेमाल इसलिए भी करना चाहिए क्योंकि इससे हमारे चेहरे और त्वचा में कुदरती आभा आएगी और यह सुंदरता टिकाऊ भी होगी।

त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान (Harmful Elements for Skin) सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों, धूप, प्रदूषण, तनाव, नींद की कमी, ध्रूमपान और शराब के सेवन से होती है।

बाजार में बिकने वाले महंगे सौंदर्य उत्पाद पर यकीन करने की बजाय अगर हम घरेलू और आयुर्वेदिक नुस्खों (Home based Ayurvedic Remedies) को आजमाएं तो त्वचा में निखार और चमक आने के साथ-साथ त्वचा स्वस्थ भी रहेगी।

ग्लोइंग स्किन 10 आयुर्वेदिक नुस्खे (Ayurvedic Tips for Glowing Skin)

1. हल्दी से हटते हैं मुहांसे 
हल्दी एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक एंटी-फंगल है। इसके लेप लगाने से त्वचा पर मुहांसे, पिंपल और पिग्मेंटेशन नहीं होते हैं।

2. चंदन से स्किन में आता ग्लो
बाजार में त्वचा की देखभाल के लिए बिकने बनने वाले ज्यादातर कॉस्मेटिक में चंदन का इस्तेमाल होता है। चंदन से त्वचा में निखार आता है। चंदन त्वचा को ठंडक भी पहुंचाता है। इसके इस्तेमाल से त्वचा पर दाने और मुहांसे नहीं होते हैं।

3. एलोवेरा त्वचा की करती सुरक्षा
एलोवेरा एक नेचुरल एंटी क्लिंजर (Natural Skin Cleanser) है। इससे त्वचा चमकदार बनती है। इसमें पाए जाने वाले एंटी इंफ्लेमटरी गुण से त्वचा की बाहरी परत को सुरक्षा मिलती है। इसके इस्तेमाल से स्किन इंफेक्शन (Skin Infection) होने पर होने वाली जलन भी कम होती है।

4. नीम की पत्ती से त्वचा में आती चमक
त्वचा के लिए नीम की पत्ती काफी कारगर होती है। इससे त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है। नीम की पत्ती के पाउडर और पिसी हुई गुलाब की पंखुड़ी को नींबू के रस के साथ मिलाकर लगाने से त्वचा में चमक आती है।

5. एवाकाडो से स्किन को मिलता प्रोटीन
एवाकाडो (Avocado) से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है। यह ड्राय स्किन वालों के लिए काफी कारगर है। एवाकाडो में प्रोटीन होता है, जो त्वचा के लिए काफी फायदेमंद है।

6. नींबू से मिटती हैं झुर्रियां
चेहरे पर नींबू का रस लगाएं। निचोड़े गए नींबू के छिलके भी चेहरे पर कुछ दिन तक मल सकते हैं। इससे चेहरे की झुर्रियां मिटेंगी। मुंह धोते समय गालों को हथेलियों से थपथपाकर सुखाएं, इससे गालों में रक्त का संचार बढ़ता है और झुर्रियां मिट जाती हैं।

7. डार्क स्पॉट मिटाने के लिए टमाटर है कारगर
चेहरों का डार्क स्पॉट (Dark Spots) मिटाने में टमाटर काफी असरदार है। टमाटर के रस में नींबू का रस, हल्दी पाउडर और बेसन मिलाकर लेप बना लें। इस लेप को गालों पर लगाएं। सूखने के बाद पानी से चेहरे को धो लें। रोज एक बार इसे आजमाएं। डार्क स्पॉट खत्म हो जाएँगे।

8. चुकंदर चेहरे को बनाएगी गुलाबी
चुकंदर का सेवन त्वचा में गुलाबी निखार लाता है। चुकंदर में काफी मात्रा में आइरन होता है, जिससे हीमोग्लोबिन मिलता है। इसे पीस कर चेहरे पर भी लगा सकते हैं। रोजाना इसे आजमाने से चेहरे पर गुलाबी निखार आता है।

9. अंकुरित चना और मूंग खाएं
अंकुरित चना और मूंग सुबह-शाम खाएं। इससे चेहरे की झुर्रियां खत्म होंगी। चना और मूंग में विटामिन ई होता है, जो झुर्रियां मिटाने में कारगर होता है। चना और मूंग नियमित खाने से स्किन में ग्लो आता है।

10. गाजर का रस पीएं
गाजर में एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है, एक ग्लास गाजर का रस रोज पिएं। इससे त्वचा में निखार आता है, झुर्रियां गायब होती हैं।